प्रज्ञा निधि न्यास
Monday, 14 November, 2011 by Srijan Shilpi
अवधारणा
- प्रज्ञा निधि न्यास मूल रूप से महात्मा गांधी के न्यासिता (trusteeship) संबंधी सिद्धांतों पर आधारित है, किंतु उन्हें व्यवहार में लाने के लिए उसकी अवधारणा को समकालीन परिस्थितियों के अनुरूप कुछ हद तक अनुकूलित किया गया है।
उद्देश्य
- इस अवधारणा को यद्यपि नागरिक कर्तव्यों से जुड़े किसी भी उद्देश्य के लिए आजमाया जा सकता है, मगर प्रज्ञा निधि न्यास को गठित किए जाने का उद्देश्य विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के मतदाताओं को ऐसे जन-प्रतिनिधि निर्वाचित करने के लिए सक्षम बनाने में हर संभव मदद करना है, जो सही मायने में उनके समग्र हितों का ध्यान रखते हुए भारत को विवेकपूर्ण राजनीतिक नेतृत्व दे सकें।
वर्तमान कार्यक्रम
- किसी प्रकार की दलगत राजनीति में शामिल हुए बिना, भारत में वर्ष 2014 में संभावित आगामी आम चुनाव में चुने जाने के लिए ऐसे प्रत्याशियों की तलाश करना और मतदाताओं के समक्ष उन प्रत्याशियों का विकल्प प्रस्तुत करना, जो सच्चे अर्थों में उनका प्रतिनिधित्व कर सकें।
आपका सहयोग
- यदि आप इस न्यास की अवधारणा, उद्देश्य और कार्यक्रम से सहमत हैं तो इसमें शामिल होने के लिए आपका हार्दिक स्वागत है।
