आमंत्रण एवं संपर्क
Tuesday, 29 August, 2006 by Srijan Shilpi

मित्रो!
यह वेबसाइट दुनिया भर में बसे सृजनशील एवं तकनीकी रूप से कुशल भारतीयों के लिए परस्पर संवाद और सहयोग का एक मंच है जो भारत को विकसित राष्ट्रों की अग्रिम पंक्ति में लाना चाहते हैं।
यदि आप किसी भी कला, शिल्प अथवा प्रौद्योगिकी में सृजनात्मक अभिरुचि रखने वाले तकनीकी रूप से कुशल व्यक्ति हैं और अपने भीतर समानता, स्वतंत्रता और मित्रवत सहयोग पर आधारित एक नई विश्व व्यवस्था के विकास के लिए प्रतिबद्धता तथा परस्पर संवाद और सहयोग की स्व-प्रेरणा और उत्साह का अनुभव करते हैं तो आपका हार्दिक स्वागत है।

यह वेबसाइट वैकल्पिक और प्रतिबद्ध पत्रकारिता के क्षेत्र में अव्यावसायिक और स्वांत:सुखाय व्यक्तिगत सक्रियता का सार्वजनिक दस्तावेज है। यदि आप महसूस करते हैं कि यह समकालीन बौद्धिक विमर्श में सार्थक हस्तक्षेप करने का ईमानदारी से प्रयास कर रहा है और आप इस प्रयास में सहयोगी बनने की आत्म-प्रेरणा का अनुभव करते हैं तो आपका हार्दिक स्वागत है।
आप इस वेबसाइट पर व्यक्त विचारों एवं संवेदनाओं पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कीजिए और अपने प्रखर एवं रचनात्मक विचारों से निरंतर अवगत कराते रहिए।
आप किसी भी रूप में सृजन शिल्पी के प्रयासों में सहभागी बन सकते हैं। आपका सहयोग उपयुक्त समय पर आपके पास उसी तरह वापस लौट आएगा जैसे सतत प्रवाहित नदी में जल की आपूर्ति अनवरत कायम रहती है।
सृजन शिल्पी आपको अपनी रचना, लेख आदि के प्रकाशन के लिए खुला मंच भी प्रदान करता है। राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी आयोजन के संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी हमें प्रकाशनार्थ भेजी जा सकती है।
कृपया ई-मेल से SRIJANSHILPI @
. com पर संपर्क करें और यथासंभव हिन्दी में लिखने का प्रयास करें। आप चाहें तो साइड बार में मौजूद बैज़ पर क्लिक करके फेसबुक पर मित्र के रूप में जुड़ सकते हैं और फेसबुक पृष्ठ को पसंद कर सकते हैं, अथवा ट्विटर पर भी फोलो कर सकते हैं या फ़िर, गूगल कनेक्ट के जरिए भी इस साइट से जुड़ सकते हैं।

समस्त शुभकामनाओं के साथ ..
I found this group to be one of my liking and would like to join it.
i’m a writer, (novel author!}.
hi i m rahul and i have to join this web site.
आपसे जुड़ कर असीम प्रसन्नता होगी.
आप ही सुझाएं कैसे बने आपसे नाते-रिश्ते.
संजय
ऐसे ख्यालात से कौन नहीं जुड़ना चाहेगा, हम तो उधर ही चलेंगे जिधर रोशनी होगी। अपना ही समझिये।
hello,
i want to jopin your group.
सृजन शिल्पी को देखकर यह संतोष हुआ कि हिन्दी हिन्दुस्तान को जोड़ने का जो कार्य करती रही है वह अभी जारी है। आपके इस प्रयास के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
- स्वामी अमृतानन्द तीर्थ
please add this site in your list
अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का मुखपत्र है, आप इसके सदस्य बन सकते हैं। इसमें अपने सामाजिक लेख, कविता, मारवाडी़ समाज की धरोहर से संबंधित कोई जानकारी, या फिर समाज से जुडी़ कोई समाचार, कार्यक्रम की जानकारी, मारवाड़ी साहित्यकारों की जानकारी आदि भेज सकते हैं।-शम्भु चौधरी,सहयोगी सम्पादक पता: 152-बी, महात्मा गांधी रोड, कोलकाता-700007
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हम तो आपसे पहले ही जुड़ चुके हैं । आज अचानक फिर मनुहार पाती पाई सो फिर आ गए हैं। बताइये , क्या आदेश , निर्देश है।
hi i knew about you just now. i am, too, a poet writer. i want to join u . what wll i do for this? please instruct me.
vivek, dumka, jharkhand
आपसे जुड़ना सौभाग्य होगा।
कृपया मेरे ब्लॉग पर गौर कीजिएगा। शायद आपकी पसंद का हमराह हो। पता है:
chandrakumarjain.blogspot.com
यह भी कि सृजन शिल्पी को देखकर अब ब्लॉग पर नियमित लिखने की कोशिश जारी रहेगी। आपका शुक्रिया।
please correct misspelled words in the above response.very soon i shall try to type in hindi also.
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@ डॉ. चन्द्र कुमार जैन
पहले की टिप्पणी को देवनागरी में लिप्यंतरित कर दिया गया है। आगे से देवनागरी लिपि में आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा।
आमन्त्रण स्वीकार है। अब जिम्मेदारी कब पूरी कर पाते हैं यह समय तय करेगा।
पढ़ कर अच्छा लगा। अपने कुछ चित्र सृजनशिल्पी के लिए भेज रहा हूं।