Monthly Archives: October 2011

टीम अन्ना को हुए मर्ज़ की आख़िर दवा क्या है?

इस वर्ष अप्रैल में जंतर-मंतर पर हुए अन्ना के असरकारी अनशन के बाद मैंने आशंका जाहिर की थी कि आंदोलन की सफलता का श्रेय और लाइमलाइट लूटने की पुरानी होड़ और व्यक्तित्वों की आपसी टकराहट उसे राह से भटका न … Continue reading

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गांधीजी के ट्रस्टीशिप संबंधी सिद्धांत के कमजोर पक्ष

ऊपर से आकर्षक दिखने के बावजूद ट्रस्टीशिप के सिद्धांत में अनेक कमजोरियां हैं. यह सम्राटों-सामंतों की दान-परंपरा का आधुनिक संस्करण है. चूंकि धर्म स्वयं सामंती परिवेश की देन है, इसलिए प्रायः सभी धर्मग्रंथों में किसी न किसी रूप में दान … Continue reading

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