Monthly Archives: January 2007

गांधीजी का ट्रस्टीशिप संबंधी सिद्धांत

  ऊँच-नीच का समतलीकरण आर्थिक समानता अहिंसक स्वाधीनता की सर्वकुंजी (Master Key) है। आर्थिक समानता के लिए कार्य करने का मतलब है पूंजी और श्रम के अंतहीन संघर्ष का उन्मूलन। इसका अर्थ है, एक ओर तो उन मुट्ठी भर धनवानों … Continue reading

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चिट्ठाकारी का पहला वर्ष

हिन्दी चिट्ठा जगत में सृजन शिल्पी ने एक वर्ष का सफर पूरा कर लिया है और नए वर्ष की पहली पोस्ट आपके समक्ष प्रस्तुत है। सबसे पहले मैं अपने सभी पाठकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपना … Continue reading

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गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कर्ण

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के बारे में जब भी मैं सोचता हूँ, मुझे महाभारत के महारथी कर्ण का स्मरण हो आता है। यदि महाभारत के कुछ अन्य महारथियों के रूपक का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के संदर्भ में प्रयोग … Continue reading

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पूर्वोत्तर: समस्या और समाधान

(पिछली प्रविष्टि से आगे)…. पूर्वोत्तर में इतने बड़े पैमाने पर आई.एस.आई. की गहरी घुसपैठ से भारतीय गुप्तचर तंत्र की विफलता ही जाहिर होती है। एक तो विभिन्न गुप्तचर एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय का अभाव दिखता है और दूसरे, गुप्तचर सूचनाओं के … Continue reading

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