Monthly Archives: July 2006

अव्यक्त ब्रह्म

प्रत्येक जीव अव्यक्त ब्रह्म है। बाह्य एवं अंत:प्रकृति को वशीभूत करके अपने इस ब्रह्मभाव को व्यक्त करना ही जीवन का चरम लक्ष्य है। कर्म, उपासना, मन:संयम अथवा ज्ञान- इनमें से एक, एक से अधिक या सभी उपायों का सहारा लेकर … Continue reading

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मौन: सत्य का द्वार

परमात्मा हमेशा मौन है। यह उसका सहज स्वभाव है। उसने कभी अपना नाम नहीं बताया। उसने कभी यह तक नहीं कहा कि उसका कोई नाम नहीं है। उसके सारे नाम ज्ञानियों और भक्तों द्वारा दिए गए नाम हैं। उसने कभी … Continue reading

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कब तक चलेगा गठबंधन की राजनीति का दौर

भारतीय जनता लंबे अरसे से राजनीति में बेहतर विकल्प के अभाव के कारण विवशता की स्थिति से गुजर रही है। उसे या तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को चुनना पड़ता है या भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को। लेकिन … Continue reading

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नहीं लगने देंगे सूचना के अधिकार में सेंध

फाइल पर नौकरशाहों द्वारा लिखे जाने वाले टिप्पण (नोटिंग्स) दरअसल उनकी असली ताकत हैं। हरे रंग की नोटशीट पर लिखे जाने वाले ये टिप्पण उनके विशेषाधिकार, विवेकाधिकार और निरंकुश सत्ता के मूल स्रोत हैं। अंग्रेजों द्वारा उन्नीसवीं शताब्दी में बनाया … Continue reading

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आमंत्रण

मित्रो !  यह जाल पृष्ठ दुनिया भर में बसे सृजनशील एवं तकनीकी रूप से कुशल भारतीयों के लिए परस्पर संवाद और सहयोग का एक मंच है जो भारत को वर्ष 2020 तक विकसित राष्ट्रों की अग्रिम पंक्ति में लाना चाहते हैं। यदि … Continue reading

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