सत्यम् शिवम् सुन्दरम्
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इन दिनों मैं फेसबुक पर अधिक सक्रिय हूँ। ब्लॉग जैसी तसल्ली तो वहाँ नहीं मिलती, पर माध्यम की बेहतर सुगमता के कारण फिलहाल वहीं अधिक सहज महसूस कर रहा हूँ। तो, यदि इस ब्लॉग पर कोई नई पोस्ट न दिखे, तो वहीं आ जाइए, नीचे मौजूद सृजन शिल्पी के फेसबुक बैज़ पर चटका लगाकर।
फुरसत मिलने पर यहाँ भी पोस्ट अपडेट की जाती रहेगी। वैसे, लिखने को बहुत कुछ है, पर चूँकि प्रतिक्रियाओं का एक तरह से टोटा रहता है ब्लॉग पर, तो पता ही नहीं चलता है कि कोई पढ़ भी रहा है या नहीं...मन कहता है कि जब कोई पढ़ ही नहीं रहा तो फिर मेहनत किसके लिए की जाए !
फेसबुक पर कम से कम लाइक करने की जहमत कुछ लोग उठाते हैं तो पता चलता रहता है कि कोई पढ़ रहा है, ... फिर उत्साह बना रहता है !
हिन्दी के ब्लॉगों का हाल तो यह है कि यदि नियमित रूप से ब्लॉगर मंडली के बीच सक्रिय न रहें या फिर मठाधीशों की सदिच्छा साथ न हो, आप व्यापक पाठक समुदाय से एक तरह से कटे रह जाते हैं, सिवाय उन सुधी और प्रेमी पाठकों के, जो खोजबीन करके जरूरी चीजें पढ़ने का श्रम करते हैं।
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प्रतिक्रियाएँ
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क्या करें ?
कुछ वर्ष पहले मैंने क्या करें (What to do) नामक एक उपन्यास पढ़ा था, जिसके लेखक मशहूर रूसी लेखक निकोलाई चेर्नीशेव्स्की हैं। यह दुनिया की कुछ चुनिंदा किताबों में से है। यह लेनिन और महात्मा गाँधी की सबसे प्रिय किताबों … Continue reading
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अर्धनारीश्वर और वाणभट्ट की आत्मकथा
इटली निवासी चिट्ठाकार मित्र सुनील जी ने अपने चिट्ठे पर प्रकाशित लेख ‘मैं शिव हूँ’ में मेरी एक टिप्पणी का उल्लेख करते हुए मुझसे हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यास ‘वाणभट्ट की आत्मकथा’ के आधार पर किसी व्यक्ति में पुरुष और … Continue reading
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मेरा जन्म दिन और मूल नक्षत्र
आज, 16 जून को मेरा जन्म दिन है। यही मेरी वास्तविक जन्म तिथि है, हालाँकि आधिकारिक प्रयोजनों के लिए मेरी जन्म तिथि 3 जनवरी है। जे.एन.यू. में अपने अध्ययन काल में और उसके कुछ वर्षों बाद तक मैं 3 जनवरी … Continue reading
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