Monthly Archives: April 2006

आरक्षण बनाम योग्यता

यह सही है कि आरक्षण का मुद्दा भारत में राजनीतिज्ञों के लिए वोटबैंक को बढ़ाने और बरकरार रखने का हथियार बन चुका है। यह भी सही है कि आरक्षण के प्रावधान से विकास की रफ्तार बाधित होती है। यह भी … Continue reading

Posted in समसामयिक | 13 Comments

प्रायोजित आरक्षण-विरोध का पर्दाफाश

पिछड़े वर्गों के लिए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण से संबंधित केन्द्र सरकार के प्रस्ताव पर विरोध को रणनीतिक ढंग से प्रायोजित करने के लिए कुछ पत्रकारों ने जिस तरह से पत्रकारिता के मानदंडों की धज्जियाँ उड़ाते हुए … Continue reading

Posted in समसामयिक | 6 Comments

आरक्षण पर शरद यादव की राय

मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शरद यादव ने बी.बी.सी. के साथ बातचीत में उन राजनीतिक परिस्थितियों का खुलासा किया है, जिसमें पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का रास्ता खोल पाना संभव हो पाया।

Posted in समसामयिक | 3 Comments

विश्वनाथ प्रताप सिंह की राय

पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में मंडल आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से लागू करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बी.बी.सी. के साथ इस विषय पर एक बातचीत में अपने दृष्टिकोण को साफगोई के साथ … Continue reading

Posted in समसामयिक | 1 Comment

पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण पर बहस

वर्चस्व और प्रतिरोध की पृष्ठभूमि समाज में शांति, सौहार्द और समरसता स्थापित करने के लिए समानता और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना अनिवार्य है। लेकिन भारतीय समाज में समानता और स्वतंत्रता कभी वास्तविकता नहीं रही। पुरातन काल से ही हमारे यहाँ … Continue reading

Posted in समसामयिक | 9 Comments