Category Archives: दर्शन

अत्यंत करीब है वह महापरिवर्तन, जिसका केन्द्र भारत बनेगा

युगों-युगों से मानव की समष्टि संवेदना जिस धर्म-चक्र से संचालित होती रही है, उस धर्म-चक्र की स्वाभाविक गति भी धरती पर देश, काल और परिस्थिति-जन्य प्रतिरोध से प्रभावित होती है। इसलिए उस गति को नियमित और निर्बाध बनाए रखने के … Continue reading

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भारत में बुद्धों की परंपरा

भारत के आध्यात्मिक जगत में समानांतर रूप से कई परंपराएँ विकसित होती रही हैं। अवतारों, ऋषियों, मुनियों, संतों, सिद्धों, नाथों, तीर्थंकरों और संन्यासियों, आदि की परंपराओं की भाँति बुद्धों की भी एक अलग परंपरा रही है। बुद्धों की परंपरा गौतम … Continue reading

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