Category Archives: अनुवाद

श्री अरविन्द के विचार: प्रत्यक्ष अनुभूति से प्रेरित दर्शन

सत्य की प्रत्यक्ष और गहन अनुभूति से उत्पन्न होने के कारण श्री अरविन्द के विचार पाठकों को सतही बौद्धिकता से परे चेतना के दिव्य आध्यात्मिक लोक में ले जाते हैं। उनके विचार उपनिषद के सूत्रों की तरह सघन अर्थों से गुम्फित होते हैं। पिछले … Continue reading

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अच्छे अनुवादक के गुण और धर्म

विनय जी ने हाल ही में अनुवादकों के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं, जो अत्यंत उपयोगी हैं। पिछले दस वर्षों के दौरान अनुवादक के तौर पर मैं भी काफी सक्रिय रहा हूँ और विशेषकर आर्थिक एवं विधिक विषयों से … Continue reading

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