पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में मंडल आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से लागू करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बी.बी.सी. के साथ इस विषय पर एक बातचीत में अपने दृष्टिकोण को साफगोई के साथ व्यक्त किया।
पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में मंडल आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से लागू करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बी.बी.सी. के साथ इस विषय पर एक बातचीत में अपने दृष्टिकोण को साफगोई के साथ व्यक्त किया।
इन दिनों मैं फेसबुक पर अधिक सक्रिय हूँ। ब्लॉग जैसी तसल्ली तो वहाँ नहीं मिलती, पर माध्यम की बेहतर सुगमता के कारण फिलहाल वहीं अधिक सहज महसूस कर रहा हूँ। तो, यदि इस ब्लॉग पर कोई नई पोस्ट न दिखे, तो वहीं आ जाइए, नीचे मौजूद सृजन शिल्पी के फेसबुक बैज़ पर चटका लगाकर।
फुरसत मिलने पर यहाँ भी पोस्ट अपडेट की जाती रहेगी। वैसे, लिखने को बहुत कुछ है, पर चूँकि प्रतिक्रियाओं का एक तरह से टोटा रहता है ब्लॉग पर, तो पता ही नहीं चलता है कि कोई पढ़ भी रहा है या नहीं...मन कहता है कि जब कोई पढ़ ही नहीं रहा तो फिर मेहनत किसके लिए की जाए !
फेसबुक पर कम से कम लाइक करने की जहमत कुछ लोग उठाते हैं तो पता चलता रहता है कि कोई पढ़ रहा है, ... फिर उत्साह बना रहता है !
हिन्दी के ब्लॉगों का हाल तो यह है कि यदि नियमित रूप से ब्लॉगर मंडली के बीच सक्रिय न रहें या फिर मठाधीशों की सदिच्छा साथ न हो, आप व्यापक पाठक समुदाय से एक तरह से कटे रह जाते हैं, सिवाय उन सुधी और प्रेमी पाठकों के, जो खोजबीन करके जरूरी चीजें पढ़ने का श्रम करते हैं।
वी पी सिंह और रोमन सम्राट नीरो मे क्या समानता है ?
जब रोम जल रहा था, नीरो सारंगी बजा रहा था.
जब भारत का भविष्य(युवा) जल रहा था, वि पी सिंह पेंटींग कर रहे थे।
भारत मे इतना हृदयहीन दूसरा प्रधानमंत्री नही हुआ है।