मेरे बारे में
Thursday, 1 February, 2007 by Srijan Shilpi

- एक आम भारतीय युवा।
- सुप्रशिक्षित पत्रकार। किंतु मुख्यधारा की पत्रकारिता के कुछ वर्षों के अनुभव में “चिराग तले अंधेरा” के परिदृश्य को देखकर मोहभंग की स्थिति से गुजरने के बाद हिन्दी में विकसित हो रहे न्यू मीडिया की ओर उन्मुख होने वाले आरंभिक कुछ लोगों में से एक।
- कार्यपालिका के साथ-साथ विधायिका के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का कार्यानुभव।
- वैकल्पिक न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में विशेष अध्ययन।
- हिन्दी की आर्थिक पत्रकारिता पर शोध।
- समसामयिक ज्वलंत विषयों के अलावा हिन्दी एवं अंग्रेजी साहित्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार, संविधान एवं क़ानून, योग एवं दर्शन, समकालीन जन आंदोलन एवं बौद्धिक विमर्श के प्रति विशेष दिलचस्पी।
- राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में आर्थिक, सामाजिक, क़ानूनी, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर लंबे अरसे से लेखन।
- कई पुस्तकों और बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अनुवाद।
- राजभाषा हिन्दी के साथ-साथ मातृभाषा मैथिली के प्रति गहरा अनुराग और उनको सशक्त बनाने के लिए निरंतर योगदान हेतु प्रयासरत।
- किसी वाद, विचारधारा अथवा राजनीतिक दल के साथ कोई संबद्धता नहीं।
- आम आदमी एवं हाशिए के वर्गों के हितों के लिए प्रतिबद्ध।
- उच्चतर शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और भारतीय विधि संस्थान, नई दिल्ली से।
- औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती में प्रशिक्षित, मगर आजमाने के मौके का इंतजार है।
