मेरे लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि इंडीब्लॉगीज, 2006 की जूरी ने बेस्ट इंडिक ब्लॉग (हिन्दी) की श्रेणी में जिन आठ चिट्ठों का चयन किया है, उनमें रवि रतलामी जी, अनूप शुक्ला जी, सुनील दीपक जी और जीतेन्द्र चौधरी जैसे दिग्गज एवं अनुभवी चिट्ठाकारों के लोकप्रिय चिट्ठों तथा वर्ष 2006 में ही चिट्ठाकारी शुरू करने वाले जगदीश भाटिया जी का आईना, प्रियरंजन झा जी का बिहारी बाबू कहिन तथा वर्ष 2006 के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान चिट्ठाकार के रूप में स्वर्ण कलम के तरकश सम्मान से पहले ही नवाजे जा चुके समीर लाल जी की उड़न तश्तरी के साथ-साथ सृजन शिल्पी का यह चिट्ठा भी शामिल है।
मेरी तरफ से इन सभी साथी चिट्ठाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ! इसके साथ ही इन चिट्ठों का चयन करने वाले अभिनिर्णायक मंडल के विवेकशील सदस्यों– देबाशीष जी, अतुल अरोरा जी और शशि सिंह जी को भी मेरा हार्दिक आभार। इतने बड़े आयोजन का पुरुषार्थ करने वाले देबाशीष जी को विशेष तौर पर इस आयोजन की शानदार सफलता हेतु शुभकामनाएँ।
इस प्रतियोगिता का तीसरा एवं सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हो चुका है और अब आपको 20 फरवरी, 2007 तक अपने-अपने पसंदीदा चिट्ठों को वोट देकर सर्वश्रेष्ठ चिट्ठे का चुनाव करना है। जाहिर है कि मामला टक्कर का है और इतने सारे अच्छे चिट्ठों के बीच सबसे अच्छे चिट्ठे का चुनाव कर पाना साथी चिट्ठाकारों के लिए कुछ दुविधाजनक होगा। इस तरह की दुविधा के बीच हमारा जाग्रत विवेक ही हमें निर्णय लेने में मदद करता है। मुझे पूरी आशा है कि हमारे साथी जिस चिट्ठे का सर्वश्रेष्ठ चिट्ठे के रूप में चयन करेंगे वह सही अर्थों में हिन्दी चिट्ठाकारी की गुणवत्ता के स्तर का मानदंड साबित होगा। यह चुनाव इसलिए भी अहम हो जाता है कि याहू, बीबीसी, एनडीटीवी एवं गूगल जैसे जनसंचार के महत्वपूर्ण मंचों पर हिन्दी चिट्ठाकारी की अहमियत को अब पहचान मिलने लगी है और इस बार इंडीब्लॉगीज प्रतियोगिता के आयोजन को प्रेस एवं मीडिया में व्यापक कवरेज भी मिल रही है।
संयोग यह है कि जिस अवधि में इंडीब्लॉगीज पर सर्वश्रेष्ठ चिट्ठे के चुनाव हेतु चिट्ठा जगत में प्रचार अभियान और मतदान की प्रक्रिया चलेगी, मैं ऑनलाइन गतिविधियों से विरत रहते हुए कुछ जरूरी अध्ययन के सिलसिले में व्यस्त रहूँगा और ठीक उस दिन नेताजी से संबंधित लेख-श्रृंखला की अगली कड़ी के साथ हाजिर होऊँगा, जिस दिन इस प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा होगी। यदि आप मेरे चिट्ठे को पसंद करते हैं और इस पर उपलब्ध सामग्री की गुणवत्ता को विशेष महत्वपूर्ण मानते हैं, तो इंडीब्लॉगीज प्रतियोगिता में इस चिट्ठे को अपना समर्थन देने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आएँ।
नेताजी से संबंधित मेरे पिछले लेख पर मिली टिप्पणियों में कुछ ऐसी जिज्ञासाएँ प्रकट की गई हैं, जो इस विषय के राजनीतिक पहलुओं के विश्लेषण की मांग करती हैं। व्यक्तिगत कारणों से मैं इस तरह के राजनीतिक विश्लेषण से बचना चाहूँगा, लेकिन मेरी पूरी कोशिश होगी कि इस विषय से संबंधित विभिन्न तथ्यों और प्रमाणों को सरल और सिलसिलेवार ढंग से आपके समक्ष प्रस्तुत करूँ। लेकिन आपकी सतत जिज्ञासा ही इस विषय पर मेरे अध्ययन और तथ्यों के प्रस्तुतिकरण की दिशा को तय करेंगे, इसलिए अपनी टिप्पणियों में आप खुलकर अपनी जिज्ञासा और सवाल रखिए।
मुझे खुशी है कि नेताजी पर मेरी इस लेख श्रृंखला में मुख्यधारा के कुछ प्रमुख पत्रकारों ने भी दिलचस्पी ली है और इसकी सराहना की है। मेरे पिछले लेख पर टिप्पणी करने वालों में अनुज धर भी शामिल हैं जिनकी किताब बैक फ्रॉम डेड : इनसाइड दि सुभाष बोस मिस्ट्री नेताजी की कथित मृत्यु से जुड़े तथ्यों के बारे में अद्यतन और सबसे प्रामाणिक किताब मानी जाती है। इस श्रृंखला के लिए उन्होंने अपने कुछ लेख भी भेजने का वादा किया है। मेरा उनसे यह भी अनुरोध है कि इस विषय के जिन पहलुओं का विश्लेषण कुछ व्यक्तिगत कारणों से मैं स्वयं नहीं कर पा रहा हूँ, उनका विश्लेषण वह अपनी टिप्पणियों के माध्यम से करने का प्रयास करें ताकि हमारे पाठकों को इस मामले के समग्र पहलुओं को समझने में मदद मिल सके।
आप में से जो पाठक दिल्ली या आसपास के क्षेत्र में रहते हों और नेताजी से जुड़े तथ्यों के बारे में जिज्ञासु हों, वे चाहें तो 18 फरवरी, 2007 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, लोदी रोड, नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पर प्रात: 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होने वाली संगोष्ठी में शामिल हो सकते हैं।
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बहुत अच्छी जानकारी
आप को चुने जाने की हार्दिक बधाई, आगे भी आप सफल हों ऐसी शुभकामना है। बाकी चुनाव सचमुच बहुत मुश्किल हो गया है, एक भी ऐसा चिट्ठाकार नहीं जिसे वोट न देने की सोचूँ।
नेताजी संबंधित अगली कड़ी का शिद्दत से इन्तजार है।
आपको बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें. वैसे आप सही कह रहे हैं कि चयनकर्ताओं के लिये दुविधापूर्ण स्थिती है, मेरे लायक इस दुविधा को दूर करने में जो भी मदद हो पायेगी, मै सहर्ष करने को तैयार हूँ.
आपको बहुत बधाई और शुभकामनायें
भई,
आपको बहुत बहुत बधाई।
हमने तो अपने को कभी भी अवार्ड वगैरहा के बन्धन मे नही बाँधा।
वैसे भी अब तो इन्डीब्लॉगीज अवार्ड से ही डर लगता है, जो इन्डीब्लॉगीज जीतता है, वो लिखना ही बन्द कर देता है। इतिहास गवाह है।
चुने गये सभी चिट्ठाकारों को बहुत-बहुत बधाई!
बधाई हो सृजन । चुनाव कठिन रहेगा । आप सब अलग विषयों पर लिखते हैं, अतः सबका अपना अपना स्थान है । किन्तु आप सब चुने गए अतः मेरे लिए तो आप सब विजेता हैं ।
घुघूती बासूती
श्रीमान,
हिन्दी चिट्ठे ऐसे ही सफलता की सीढियां चढते रहें हमारी कामना है |
ऐसे कितने ही चिट्ठे हैं जिनको पढते पढते एक अनजाना सा सम्बन्ध स्थापित हो गया है |
विजयश्री किसी को भी मिले, ये अपने हिन्दी चिट्ठाकार परिवार की ही विजय होगी |
ईश्वर करे कि आपस में सदैव ऐसे ही मधुर सम्बन्ध बने रहें |
वैसे मतदान की बात करके एक बडे धर्मसंकट में फंसा दिया है, आप सभी इतने प्रतिभावान हैं और इतना अच्छा लिखते हैं कि उसमें चुनाव करना आसान नहीं होगा.
साभार,
नीरज
सभी नामांकित चिठ्ठाकारों को हार्दिक शुभकामनायें.
बधाई.
आप सभी को बधाई! आप तो सभी विजेता हैं और हम भी पाठक के रूप मे विजेता ही हैं, जो हमे एक ही समय मे इतनी विविधता से भरपूर चिट्ठे पढने को मिल रहे हैं.शुभकामनाएँ.
आपको बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
Congratulations Srijanji. I am amazed from where do you get the time to amass so much here. Keep it up. You are bound to move up the ladder.
Thank you for your support on the Netaji case.