RSS Feed:
Posts
Comments

Archive for April, 2008

‘यूथ फॉर मेनटेनिंग अन-इक्वलिटी’ के उत्साही युवक आरक्षण-विरोध के प्रायोजित अभियान में सुप्रीम कोर्ट का जिस तरह से इस्तेमाल करना चाह रहे थे, वैसा तो हरगिज मुमकिन नहीं था। आरक्षण के मुद्दे पर फैसला करते समय सुप्रीम कोर्ट को न सिर्फ अपनी साख और मर्यादा का ख्याल रखना था, बल्कि लोकतंत्र के दूसरे संवैधानिक स्तंभों [...]