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Archive for March, 2008

जड़ प्रकृति के पिंडों के बीच जिस प्रकार आकर्षण और प्रतिकर्षण के दो बल सर्वदा एक साथ क्रियाशील रहते हैं जिनके कारण उनके बीच एक संतुलन बना रहता है, ठीक वैसे ही आकर्षण और प्रतिकर्षण के दो बल चेतन प्रकृति के जीवों के बीच भी सदा क्रियाशील रहते हैं जो सृष्टि चक्र में संतुलन बनाए [...]

चार बजट नोट कमाने के लिए और एक बजट वोट पाने के लिए। पांच साल की सत्ता के दौरान चार साल बाजार के साथ ताल में ताल मिलाने के बाद पांचवें साल वोटर की तरफ मुखातिब होना लोकतंत्र में सरकार की मजबूरी है। चुनाव में उतरकर जनता से समर्थन मांगने की यह मजबूरी यदि सरकार [...]