नींद और जागरण
Posted in दर्शन, निजी डायरी, प्रेरक विचार on September 18th, 2007 12 Comments »
आनंद कई दिनों से पूछना चाह रहे थे। बुद्ध के साथ वह निरंतर यात्रा पर थे और रात्रि विश्राम के समय उनके बगल में ही सोया करते थे। सुबह बुद्ध की आंखें खुलीं तो आनंद के मुख पर उत्सुकता और हैरानी के भाव देखकर मुस्करा उठे। आखिरकार आनंद ने पूछ ही लिया, “भगवन, मैं सोते [...]
