घर की मुर्गी विश्व मंच पर प्रतिष्ठित होगी!
Posted in भाषा चिंतन, समसामयिक on July 15th, 2007 10 Comments »
राजभाषा हिन्दी भारत में घर की मुर्गी की तरह है जो दाल बराबर समझी जाती रही है, लेकिन न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच से इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कराने की बहुत धूमधाम से कवायद चल रही है। विडंबना की बात यह है कि हिन्दी के दिग्गज विद्वान इस समय चल रहे विश्व [...]
