कमीने और ईमानदार
Posted in निजी डायरी, प्रेरक विचार, विश्लेषण on April 28th, 2010 8 Comments »
http://srijanshilpi.com/?p=27
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Posted in जन सरोकार, विश्लेषण, संविधान और विधि, समसामयिक on April 11th, 2008 12 Comments »
‘यूथ फॉर मेनटेनिंग अन-इक्वलिटी’ के उत्साही युवक आरक्षण-विरोध के प्रायोजित अभियान में सुप्रीम कोर्ट का जिस तरह से इस्तेमाल करना चाह रहे थे, वैसा तो हरगिज मुमकिन नहीं था। आरक्षण के मुद्दे पर फैसला करते समय सुप्रीम कोर्ट को न सिर्फ अपनी साख और मर्यादा का ख्याल रखना था, बल्कि लोकतंत्र के दूसरे संवैधानिक स्तंभों [...]
Posted in जन सरोकार, राजनीति, विश्लेषण, समसामयिक on January 23rd, 2008 7 Comments »
यह साबित करने के लिए अलग से दलील, तथ्य और प्रमाण पेश करने की जरूरत नहीं रह गई है कि केन्द्र की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के अस्तित्व को बनाए रखने में सबसे बड़े मददगार बनते जा रहे हैं। यदि इन दोनों पार्टियों का वश चले तो वे तमाम अन्य दलों को राजनीति [...]