Posted in दर्शन, निजी डायरी, पर्व-उत्सव on October 21st, 2007 7 Comments »
मैं किसी ‘मुर्दा शांति’ की बात नहीं कर रहा, जो बकौल पाश ‘सबसे खतरनाक’ होती है। मैं उस जीवंत शांति की बात कर रहा हूँ, जिसमें हम इंसानों की कोई दिलचस्पी नहीं है। ऐसी शांत-सहज-सरल जिंदगी, जिसमें कोई बड़ी हलचल न हो, उथल-पुथल न हो, तनाव भरा संघर्ष न हो, दाँव-पेंच न हो, हार-जीत न [...]
आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
अमेरिकी सरकार की कैद के दौरान दिए गए धीमे जहर के घातक असर के कारण दिसम्बर, 1988 में ओशो कुछ सप्ताह तक गंभीर रूप से बीमार रहे और मरणासन्न हो चले थे। स्वस्थ होने पर उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान कुछ समय तक वह गौतम बुद्ध की चेतना के वाहक बन गए थे। [...]
Posted in पर्व-उत्सव on January 25th, 2007 11 Comments »
आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ