कमीने और ईमानदार
Posted in निजी डायरी, प्रेरक विचार, विश्लेषण on April 28th, 2010 8 Comments »
http://srijanshilpi.com/?p=27
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Posted in दर्शन, निजी डायरी, प्रेरक विचार on December 13th, 2007 9 Comments »
एक हिन्दुस्तानी की डायरी पर दो सप्ताह पहले अतिथि चिट्ठाकार के रूप में शुरुआत करते हुए Design Flute ने “राम बोलने से क्या बन जाएगा” शीर्षक से धर्म और आस्था के सवाल पर एक बहस छेड़ी थी और साथ ही एक अनुरोध भी किया था:
आप सबसे निवेदन है कि आपके हिसाब से धर्म क्या है, [...]
Posted in दर्शन, निजी डायरी, प्रेरक विचार on September 18th, 2007 12 Comments »
आनंद कई दिनों से पूछना चाह रहे थे। बुद्ध के साथ वह निरंतर यात्रा पर थे और रात्रि विश्राम के समय उनके बगल में ही सोया करते थे। सुबह बुद्ध की आंखें खुलीं तो आनंद के मुख पर उत्सुकता और हैरानी के भाव देखकर मुस्करा उठे। आखिरकार आनंद ने पूछ ही लिया, “भगवन, मैं सोते [...]