कैसे बदलेगा नौकरशाही का चरित्र
Posted in प्रशासनिक सुधार on September 4th, 2006 3 Comments »
सर्वविदित है कि भारत में नौकरशाही का मौजूदा स्वरूप ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की देन है। देश की पराधीनता के दौरान इस नौकरशाही का मुख्य मकसद भारत में ब्रिटिश हुकूमत को अक्षुण्ण रखना और उसे मजबूत करना था। जनता के हित, उसकी ज़रूरतें और उसकी अपेक्षाएँ दूर-दूर तक उसके सरोकारों में नहीं थे। नौकरशाही के शीर्ष [...]
