श्री अरविन्द के विचार: प्रत्यक्ष अनुभूति से प्रेरित दर्शन
Posted in अनुवाद, दर्शन, प्रेरक विचार on February 21st, 2007 5 Comments »
सत्य की प्रत्यक्ष और गहन अनुभूति से उत्पन्न होने के कारण श्री अरविन्द के विचार पाठकों को सतही बौद्धिकता से परे चेतना के दिव्य आध्यात्मिक लोक में ले जाते हैं। उनके विचार उपनिषद के सूत्रों की तरह सघन अर्थों से गुम्फित होते हैं। पिछले दिनों श्री अरविन्द को पढ़ते हुए मैं अपनी डायरी में उनके कुछ महत्वपूर्ण विचारों का हिन्दी [...]
